ये लघु कविता मैंने पारंपरिक भारतीय संगीत के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने हेतु लिखी है ,,,,
सात सुरों का एक अदभुत संगम है संगीत,
असीम प्रेरणादायक एवं सुखदायक है संगीत |
प्रकाश के वेग से भागती इस जिन्दगी में ,
एक अनोखा सा ठहराव है संगीत ||
थक- हार चुके मन में जब जाता है संगीत ,
एक नई उमंग व चमक से भर देता है संगीत |
रागों की वह मंगलध्वनि कानों का स्पर्श जब करती है ,
बुझी हुई सी बगिया को प्रकाशित कर देता है संगीत ||
वर्षों की अडिग तपस्या से ही आता है संगीत ,
आत्मा- परमात्मा के बीच का पवित्र नाता है संगीत |
तानो , रागों, बंदिशों आदि से सुस्सजित ,
कुदरत के कण-कण में समता है संगीत ||
असीम प्रेरणादायक एवं सुखदायक है संगीत |
प्रकाश के वेग से भागती इस जिन्दगी में ,
एक अनोखा सा ठहराव है संगीत ||
थक- हार चुके मन में जब जाता है संगीत ,
एक नई उमंग व चमक से भर देता है संगीत |
रागों की वह मंगलध्वनि कानों का स्पर्श जब करती है ,
बुझी हुई सी बगिया को प्रकाशित कर देता है संगीत ||
वर्षों की अडिग तपस्या से ही आता है संगीत ,
आत्मा- परमात्मा के बीच का पवित्र नाता है संगीत |
तानो , रागों, बंदिशों आदि से सुस्सजित ,
कुदरत के कण-कण में समता है संगीत ||